पंद्रह अगस्त यानी उत्सव। यानी उत्सव का जन्मदिन। उत्सव यानी हमारा छोटा बेटा। आज वह उन्नीस साल पूरे करके बीसवें साल में प्रवेश कर रहा है। उसकी कुछ यादें यहां तस्वीरों की जुबानी । एक आलेख गुल्लक में पढ़ सकते हैं।
| दादी की गोद में, भाई कबीर के साथ |
| मां की गोद में: कुआं पूजन के दिन |
| नीमा का उत्सव |
| पहले जन्मदिन पर उत्सव की मित्र मंडली |
| दादा की गोद और बड़ दादी की छाया |
| चलो भाई फुटबाल खेलते हैं....! |
| पहले कुछ खा तो लूं....! |
| अच्छा केक भी काट लेता हूं : सातवीं सालगिरह |
| हां जी होली भी खेलते रहे हैं हम ! |
| नौवीं सालगिरह! |
| जन्मदिन मेरा है ,पर केक तो मां को खाना पड़ेगा! |